-नाम समानता ने बढ़ाई परेशानी, निर्दोष व्यक्ति बना पुलिस की लापरवाही का शिकार,गलती पकड़ी गई तो चौकीदार पर गुस्सा,थानाध्यक्ष का वीडियो वायरल
न्यूज 11 बिहार | बक्सर (नावानगर)
सिकरौल थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है, जहां नाम समान होने के कारण पुलिस ने एक निर्दोष व्यक्ति को आधी रात घर में घुसकर गिरफ्तार कर लिया और बिना सत्यापन उसके खिलाफ जारी बताए गए कथित वारंट के आधार पर रातभर हाजत में रखा। बाद में जब जांच में पता चला कि वारंट किसी दूसरे अजय कुमार सिंह के नाम से था, तब जाकर पूरी गलती खुली। घटना ने न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार सिकरौल थानाध्यक्ष अंकुश कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भदार निवासी अजय कुमार सिंह, पिता स्व. श्याम बिहारी सिंह के घर देर रात छत फांदकर प्रवेश किया और उन्हें गैर-जमानती वारंट के आरोप में पकड़ लिया। अजय ने बताया कि संबंधित बैंक लोन वह पहले ही चुका चुके थे और उसका एनओसी भी उनके पास था। इसके बावजूद उनसे कोई बात किए बिना उन्हें थाने लाकर रातभर हाजत में रखा गया।
-न्यायालय जाकर परिजनों को मिली जानकारी तब छूटे निर्दोष अजय
सुबह परिजन जब थाने पहुंचे और गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो उन्हें कोर्ट से जानकारी लेने की सलाह देकर टाल दिया गया। न्यायालय जाकर परिजनों ने जब जानकारी ली, तब पता चला कि वारंट भदार के किसी अन्य अजय कुमार सिंह के नाम था। इसके बाद पुलिस की गलती उजागर हो गई और मामले की गंभीरता बढ़ी।
-गलती आई सामने तो थानेदार ने बुलाई पंचायती
गलती सामने आने के बाद थाना परिसर में पंचायती बुलाई गई। लेकिन जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय थानाध्यक्ष ने सारा आरोप चौकीदार पर मढ़ते हुए उसके साथ फोन पर अभद्र व्यवहार किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में थानाध्यक्ष चौकीदार को भद्दी-भद्दी गालियां देते नजर आ रहे हैं। हालांकि वीडियो की पुष्टि न्यूज 11 बिहार नहीं करता है, लेकिन घटना की चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल ही में डीजीपी ने पुलिस पदाधिकारियों को आमजन और अधीनस्थ कर्मचारियों से सम्मानजनक व्यवहार करने का निर्देश दिया था। लेकिन सिकरौल थानाध्यक्ष का रवैया इन निर्देशों की खुली अवहेलना माना जा रहा है।
निर्दोष ने कहा पुलिस की इस रवैया से समाजिक प्रतिष्ठा पर आया है आंच,एसपी से कार्यवाई की मांग
किसान अजय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस की मनमानी ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाई है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि थानाध्यक्ष पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण भी पुलिस की इस जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि यदि पुलिस बिना सत्यापन किसी भी निर्दोष के घर घुस सकती है तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? मंगलवार सुबह करीब 11:50 बजे अजय सिंह को पुलिस ने रिहा कर दिया, लेकिन घटना ने पुलिस की लापरवाह कार्यशैली को फिर उजागर कर दिया है।
वायरल वीडियो मे थानाध्यक्ष ने चौकीदार को कहा
भांग खाकर सोता है क्या ….? आय, चुप…….या। तुमको…..ये पता नहीं कि कौन कहां रहता है? क्या कर रहा है भदार में बैठ के? …..तुम बदनाम करा के रख देगा। किसी को पकड़वा देगा? पता करके रखना चाहिए न। तुम हमको बताया क्यों नहीं।
कहते है एसडीपीओ
इस संबंध में एसडीपीओ डुमरांव पोलस्त कुमार ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को भेजी जाएगी।














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