महिला पुलिसकर्मियों को मिलेगी रहने की स्थायी सुविधा जिले के सभी थानों में बन रहा बैरक,नव निर्मित महिला बैरक भवन का एसपी ने लिया निरीक्षण कहा; गुणवक्तापूर्ण करे निर्माण
न्यूज 11 बिहार | डुमरांव
महिला पुलिसकर्मियों के लिए एक अच्छी और राहत भरी खबर है। अब ड्यूटी के दौरान उन्हें थाने में ही सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से रहने की व्यवस्था मिलेगी। विभाग की ओर से थाना परिसरों में महिला पुलिस बैरक का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है, जिससे महिला सिपाहियों को अब रहने में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। महिला पुलिसकर्मियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
बक्सर जिले के कई थानों में महिला बैरक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कई भवनों को संबंधित थानों को हैंडओवर भी किया जा चुका है। शनिवार को बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या ने कृष्णाब्रह्म थाना परिसर में नव-निर्मित महिला बैरक भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एसपी शुभम आर्या ने बताया कि बक्सर जिले के सभी थानों में महिला बैरक का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण कार्य पुलिस भवन निर्माण निगम के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जा सके।
-10 बेड़ो का जी-प्लस वन भवन का जो रहा है निर्माण
बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के जिला अभियंता विजय कुमार ने जानकारी दी कि प्रत्येक महिला बैरक की क्षमता 10 बेड की होगी। बैरक का निर्माण जी प्लस वन संरचना में किया जा रहा है। थानों में वर्तमान में कानून-व्यवस्था के उद्देश्य से 5 से 6 महिला सिपाहियों की तैनाती रहती है। कुछ थानों में यह संख्या 4 है, तो कहीं 6 से 7 महिला सिपाही भी कार्यरत हैं।
-कई थानों में महिला सिपाही का बैरक नहीं होने से ड्यूटी में अक्सर होती थी परेशानी,अब नहीं
अब तक बैरक की व्यवस्था नहीं होने के कारण महिला सिपाहियों को ड्यूटी के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई थानों में उन्हें जैसे-तैसे एडजस्ट कर रहना पड़ता था। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थानों में किराये का मकान मिलना भी बेहद मुश्किल होता था। ऐसे में महिला बैरक का निर्माण उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।
-एसपी ने कहा ; महिला सिपाही कर्मियों की संख्या में हो रही है वृद्धि
एसपी आर्या ने कहा कि महिलाओं की संख्या में बीते 18 वर्षों में 27 गुना तक वृद्धि हुई है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस बल में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2005 में जहां महिला पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों की संख्या मात्र 893 थी, वहीं 2023 तक यह बढ़कर 24 हजार से अधिक हो चुकी है। भविष्य में भी महिला सिपाहियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सभी थानों में बैरक का निर्माण कराया जा रहा है।
-महिला बैरक के निर्माण से ड्यूटी में मिलेगी सहूलियत
महिला बैरक बनने से महिला सिपाहियों को ड्यूटी करने में सहूलियत के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। अब तक बाहर से आकर ड्यूटी करने और देर रात घर लौटने में उन्हें काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब थाना परिसर में ही रहने की सुविधा मिलने से उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
-महिला सिपाहियों के लिए 28 गुणा 55 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में दो मंजिला बैरक का हो रहा है निर्माण
महिला सिपाहियों के लिए 28 गुणा 55 स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में दो मंजिला बैरक का निर्माण किया जा रहा है। भूतल और प्रथम तल पर पांच-पांच कमरों की व्यवस्था होगी, जिसमें प्रत्येक कमरे में एक महिला सिपाही रह सकेगी। इसके अलावा बैरक में अलग से डाइनिंग हॉल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल महिला पुलिसकर्मियों के सशक्तिकरण और बेहतर कार्य वातावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।













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